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Important events in history on 25 july

1.राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का राष्ट्र के नाम अंतिम संबोधन 


  • • राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्र के नाम दिए अपने विदाई संबोधन में कहा कि जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए सहिष्णुता और अहिंसा की शक्ति को पुनर्जागृत करने की जरूरत है। 
  • • उन्होंने कहा कि प्रतिदिन हम अपने आसपास बढ़ती हुई ¨हसा देखते हैं। इस ¨हसा की जड़ में अज्ञानता, भय और अविश्वास  है।
  • •  हमें अपने जनसंवाद को शारीरिक और मौखिक सभी तरह की ¨हसा से मुक्त करना होगा।
  • • देश में गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा की घटनाओं के बीच मुखर्जी ने सहिष्णुता को भारतीय सभ्यता की नींव बताते हुए समाज को शारीरिक तथा मौखिक सभी तरह की हिंसा से मुक्त करने की जरूरत बताई है।
  • • राष्ट्रपति ने कहा कि सभी प्रकार की हिंसा  से मुक्त समाज ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के सभी वर्गों विशेषकर पिछड़ों और वंचितों की भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है। 
  • • उन्होंने कहा कि हमें एक सहानुभूतिपूर्ण और जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए अहिंसा की शक्ति को पुनर्जागृत करना होगा।
  • असाधारण है प्रणब दा का व्यक्तित्व(अरुण जेटली )
  • • अगले कुछ ही घंटों में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी वकाश ग्रहण कर लेंगे। उनके राष्ट्रपति पद का कार्यकाल एक राजनीतिक नेता के साधारण करियर की पराकाष्ठा है। 
  • • भारत ने उनकी तरह के कुछ ही ऐसे राजनीतिज्ञ देखे हैं, जिनमें दलीय संबद्धता और पद की जिम्मेदारियों के बावजूद खुद को राजनीति के विशारद के रूप में विकसित कर लेने की क्षमता रही है। प्रणब दा एक ऐसे नेता हैं, जो जिस पद पर रहे, उसका गौरव बढ़ाया।
  • • मेरा उनसे पहला परिचय वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में हुआ। उस समय वह डॉ. मनमोहन सिंह के साथ विपक्ष में थे। वह महत्वपूर्ण स्थायी संसदीय समितियों के ध्यक्ष थे। 
  • • इन समितियों के पास कई विधेयकों को हरी झंडी देने की जिम्मेदारी थी। इनमें से तीन तो महत्वपूर्ण संविधान संशोधनों से जुड़े थे। 
  • • इनमें से एक का संबंध जनसांख्यिकीय परिवर्तन के बावजूद लोकसभा व राज्य विधानसभा में सीटों की संख्या सीमित रखने से संबंधित था,जबकि दूसरे में दलबदल विरोधी कानून की समीक्षा की जानी थी। तीसरा केंद्र व राज्य की सरकारों में मंत्रिमंडल का आकार छोटा करने को लेकर था। 
  • • प्रणब दा ने न केवल सभी दलों को साथ लेकर सहमति कायम की, बल्कि जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी उससे बेहतर मसौदा तैयार किया जा सका। 
  • • विपक्ष में रहते हुए उन्होंने कभी भी बाधा डालने की राजनीति का नुसरण नहीं किया। उनका ध्येय था कि संसदीय ढांचे का उपयोग राष्ट्रीय हितों के मुद्दों के समाधान के लिए किया जाए। 
  • • बाद के सालों में जब उन्हें नजदीक से देखा तो पाया कि विपक्ष के नेता होने के बावजूद वह सदन में सरकार व विपक्ष के बीच दोस्ताना ताल्लुकात कायम रखने के पक्षधर थे। वह कभी भी दलगत राजनीति में नहीं उलझे। कभी आपा खो भी देते थे, लेकिन चंद मिनटों बाद ही हंसते हुए नजर आने लगते थे। 
  • • इतिहास में उनकी गहरी रुचि थी, पर संवैधानिक औचित्य पर भी वह दूरदृष्टि रखते थे। उनका मानना था कि सरकार व विपक्ष एकजुट होकर राष्ट्रहित के लिए काम करें। कभी कोई मसला उलझता था तो वह संसदीय व पूर्व के न्यायिक मामलों को सामने रखकर बेहतर समाधान निकालने में सक्षम थे। 
  • • राष्ट्रपति के रूप में वह संविधान के वास्तविक संरक्षक थे। उनका मानना था कि देश में शक्ति का केंद्र केवल एक होना चाहिए और वह चुनी हुई सरकार के रूप में हो। मुङो कई बार उनके पास भेजा जाता था। गंभीर मसलों पर भी वह पनी बेबाक राय रखते थे। 
  • • उन्होंने दो लग-लग सरकारों के साथ बेहद सहज तरीके से काम किया। उनका मानना था कि मंत्रिमंडल जो भी फैसले लेता है वो संविधान के नुरूप होने चाहिए। किसी भी निर्णय पर अंतिम  स्वीकृति देने से पहले वह पूरी तरह से आश्वस्त होना चाहते थे। उनका एक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री से राष्ट्रपति में तब्दील होना वाकई साधारण रहा।
  • • वह सरकार के मार्गदर्शक होने के साथ उसके संरक्षक का दायित्व बखूबी निभाते रहे। उन्होंने सरकार की बेहतरीन नीतियों को आत्मसात करके उनकी वकालत भी की। जीएसटी इसका जीता जागता उदाहरण है। वह पने कार्यकाल में ही इसके संशोधित बिल को पारित कराना चाहते थे। 
  • • वह राष्ट्रपति भवन से विदा तो हो रहे हैं, लेकिन भी उनका काम बाकी है। देश को राह दिखाने का और महत्वपूर्ण मौकों पर सलाह देने का, बिल्कुल एमीकस क्यूरी (न्यायमित्र) की तरह।
  • • राष्ट्रपति के रूप में वह संविधान के वास्तविक संरक्षक थे। उनका मानना था कि देश में शक्ति का केंद्र केवल एक होना चाहिए और वह चुनी हुई सरकार के रूप में हो।




2. राजनीतिक चंदे के लिए बनेगा कानून : जेटली


  • • जेटली ने कहा कि 157 वर्ष पूर्व तीन फीसद की दर से आयकर लगाया गया था। उस समय 30 लाख रपए की वसूली हुई थी। चालू वित्त वर्ष में इसके बढ़कर 10 लाख करोड़ रपए के आसपास पहुंचने का अनुमा

  • न है।
  • • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि राजनीतिक चंदे को लेकर कानून बनाने की तैयारी चल रही है। यदि इस पर आम सहमति नहीं बनेगी तो सरकार कानून बनाएगी।
  • • जेटली ने आयकर कानून के 157 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर यहां आयोजित आयकर दिवस समारोह 2017 में कहा कि कालेधन के विरुद्ध जारी अभियान के तहत पिछले वर्ष कई उपाय किए गए। अब राजनीतिक चंदे की बारी है और इसके लिए आम सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। 
  • • यदि ऐसा नहीं होगा तो सरकार अपने स्तर पर कानून बनाएगी। उन्होंने कहा कि कर नियमों का पालन नहीं करने के लिए स्टैंर्डड प्रक्रिया अपना रहे हैं और इसके लिए फर्जी कंपनियों का सहारा लिया जा रहा है। अब इसमें राजनेता भी शामिल हो गए हैं। 
  • • गोपनीयता के नाम पर कर नियमों को अनुपालन नहीं करने का बहाना नहीं चलेगा। कर चुकाना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। करदाता आधार बढ़ाने, भ्रष्टाचार मिटाने और ईमानदार करदाताओं को पुरस्कृत करने के लिए कई उपाय किए गए हैं। जेटली ने कहा कि अधिकाधिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है ताकि ईमानदार करदाता अपने घर से ही सभी प्रक्रियाएं पूरी कर सकें और जो लोग कर नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उन पर शिकंजा  कसा जा सके।
  • • उन्होंने कहा कि अब लोगों की सोच में भी बदलाव आ रहा है और अधिकांश लोगों का मानना है कि किसी को छूट क्यों दी जाए। कर राष्ट्रीय हित में लगाया जाता है जिसमें रक्षा से लेकर विकास तक के लिए धनराशि की जरूरत होती है। 


3. मूडीज ने सेंट्रल बैंक और आईओबी की रेटिंग घटाई


  • • वैश्विक  रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सोमवार को इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) तथा सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की रेटिंग को बीए3 से घटाकर बीए1 कर दिया। 
  • • हालांकि रेटिंग एजेंसी ने बैंक आफ इंडिया (बीओआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और एक्सिस बैंक सहित नौ बैंकों की रेटिंग को बीएए3-प्राइम-3 पर कायम रखा है।
  • • जिन अन्य बैंकों की रेटिंग को पहले के स्तर पर कायम रखा गया है उनमें बैंक आफ बड़ौदा (बॉब), केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं। 
  • • मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है, हम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को काफी ऊंचे सरकार के समर्थन के दायरे में रख रहे हैं जो देश में सरकारी बैंकों के प्रणालीगत महत्व को दर्शाता है। 
  • • एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के मामले में मूडीज का मानना है कि वित्त वर्ष 2016-17 से इन बैंकों में डूबे कर्ज की रफ्तार कम हुई है। हालांकि यह अभी भी उच्चस्तर पर है।
  • • एजेंसी ने आईओबी की हांगकांग शाखा की सीनियर अनसिक्योर्ड डेट रेटिंग को भी बीए3 से घटाकर बीए1 कर दिया है।


4. एचपीसीएल में विनिवेश प्रक्रिया शुरू


  • • तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धम्रेन्द्र प्रधान ने सोमवार को बताया कि तेल शोधन कंपनी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लि. (एचपीसीएल) में सरकार की 51.11 फीसद हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए गठित की जाने वाली तीन सदस्यीय समिति के प्रमुख वित्त मंत्री अरुण जेटली होंगे।
  • • सरकार ने पिछले सप्ताह एचपीसीएल में अपनी हिस्सेदारी ओएनजीसी को बेचने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। वर्तमान मूल्य पर एचपीसीएल में 51.11 फीसद हिस्सेदारी बेचने से सरकार को करीब 29,000 करोड़ रपए मिलने की उम्मीद है।
  • • प्रधान ने आज लोकसभा में अपनी तरफ से दिए वक्तव्य में बताया कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 19 जुलाई को बैठक में इस सौदे को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इस सौदे को तेजी से अमली जामा पहनाने के लिये वित्त मंत्री की अगुवाई में एक समिति गठित की गई है। 
  • • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और वह इस समिति के सदस्य हैं।उन्होंने बताया कि यह सौदा चालू वित्त वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। मूल्यांकन और अन्य औपचारिकताएं नियामक संस्था सेबी के नियमों के मुताबिक होंगी। विलय के बाद भी एचपीसीएल सार्वजनिक उपक्रम बना रहेगा। इसका अलग बोर्ड और ब्रांड होगा। 
  • • विलय के बाद ओएनजीसी की सभी शोधन इकाइयों को एचपीसीएल में समाहित कर देने से यह इंडियन आयल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की तीसरी बड़ी रिफाइनरी बन जाएगी।


5. रक्षा उत्पादन में एफडीआइ को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन


  • • एक तरफ चीन के साथ सीमा पर लगातार बढ़ रहा तनाव और दूसरी तरफ सेना के पास आवश्यक हथियारों व गोला-बारूद की किल्लत की आ रही सूचना। ऐसे में केंद्र सरकार ने रक्षा उत्पादन तेज करने के लिए जल्द ही कुछ बड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। इसके तहत हथियारों व अन्य सैन्य सामग्रियों के उत्पादन में विदेशी निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। 
  • • रक्षा उत्पादन से जुड़े कई क्षेत्रों में विदेशी निवेशकों को सौ फीसद तक निवेश की छूट मिलेगी। जबकि कई क्षेत्रों में एफडीआइ प्रस्तावों को आटोमेटिक रास्ते से मंजूरी देने की तैयारी है।1उच्चस्तरीय सूत्रों के मुताबिक, तमाम तरह के तोपों, युद्ध में इस्तेम

  • ाल होने वाले भारी मशीनगनों और सेना के वाहनों में विदेशी निवेश की मौजूदा सीमा 74 फीसद को बढ़ा कर 100 फीसद किया जा रहा है। 
  • • इसी तरह लड़ाकू विमानों में एफडीआइ की सीमा आटोमेटिक रूट से बढ़ा कर 76 फीसद की जा रही है। पनडुब्बी के निर्माण में भी विदेशी कंपनियों को भारत में 51 फीसद तक निवेश करने की छूट मिलेगी। 
  • • मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद रक्षा उत्पादन में एफडीआइ को लेकर काफी उदारवादी रवैया अपना रखा है। मौजूदा समय में रक्षा उत्पादन में विदेशी कंपनियों को 49 फीसद तक आटोमेटिक रास्ते से निवेश की छूट है जबकि इससे ज्यादा के निवेश के लिए सरकार की पूर्वानुमति की जरूरत होती है। 
  • • रक्षा उत्पादन में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की नीति के तहत पिछले दो वर्षो में कई अहम घोषणाएं भी हुई हैं। हाल ही में टाटा समूह के साथ अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारत में एफ-16 लड़ाकू विमानों के निर्माण के लिए समझौता किया है। जबकि रूस ने भारत में अपनी कामोव हेलीकॉप्टर के निर्माण का समझौता किया है। 
  • • टाटा समूह के अलावा म¨हद्रा, अडानी समूह, अंबानी समूह, हीरो समूह, एल एंड टी ने रक्षा से जुड़े विभिन्न उत्पादन में अलग कंपनी बनाने की रुचि दिखाई है।
  • • समीक्षा के बाद एफडीआइ नीति को और उदार बनाने का फैसला लिया : सूत्रों के मुताबिक, सैनिक साजों समान व हथियारों के निर्माण को लेकर सरकार की नीतियों की दो वर्षों तक समीक्षा करने के बाद एफडीआइ नीति को और उदार बनाने का फैसला लिया गया है। 
  • • इसके लिए सरकार के स्तर पर पिछले एक वर्ष के दौरान अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, इजरायल की कंपनियों के साथ कई स्तरों पर बातचीत हुई है। इन देशों की कंपनियों की नजर भारत के बड़े रक्षा बाजार पर है। 
  • • एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2030 तक भारत अपनी सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए 620 अरब डॉलर खर्च करेगा। 
  • • इसमें अत्याधुनिक लड़ाकू विमान से लेकर पनडुब्बी तक और तोप से लेकर ड्रोन तैयार करने तक की योजना शामिल है। विदेशी कंपनियों को अब ज्यादा इक्विटी देने का मतलब यह भी हुआ कि सरकार अब घरेलू कंपनियों के आगे आने और उनके साथ विदेशी कंपनियों की तरफ से प्रस्ताव आने का इंतजार नहीं करना चाहती है।


6. देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनने का रास्ता साफ


  • • भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के प्रस्तावित विलय को मंजूरी दे दी है। वोडाफोन का नई कंपनी में 45.1 फीसदी हिस्सा होगा। जबकि आइडिया की 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी। वहीं, 28.9 फीसदी हिस्सेदारी अन्य शेयरधारकों के पास होगी। 
  • • इस विलय से देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनेगी। इसकी ग्राहक संख्या 40.71 करोड़ और 34.48 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी होगी। इस विलय से जहां वोडाफोन इंडिया की बाजार में पकड़ मजबूत होगी। वहीं आइडिया की मेट्रो शहरों में पहुंच बढ़ेगी। 
  • • इस डील पर काम करने वाली लॉ फर्म शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के वकीलों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धा नियामक ने बिना किसी शर्त के इस विलय को मंजूरी दी है। 
  • • उसे डील की व्यापक समीक्षा में ऐसा कुछ ऐसा नहीं मिला जिससे टेलीकॉम बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती हो। उन्होंने कहा कि 23 अरब डॉलर का यह विलय भारत में विलय-अधिग्रहण का सबसे बड़ा लेनदेन होगा।
  • • इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक मर्जर से बनने वाली कंपनी का रेवेन्यू 77,500 करोड़ से 80,000 करोड़ रुपए होगा। दूरसंचार नियामक ट्राई के 31 मई तक आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल 21.09 करोड़ ग्राहक संख्या (17.86% बाजार हिस्सेदारी) के साथ वोडाफोन देश की दूसरी और 19.62 करोड़ ग्राहक संख्या (16.62% बाजार हिस्सेदारी) के साथ आइडिया देश की तीसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। जबकि 27.84 करोड़ ग्राहक संख्या (23.59% बाजार हिस्सेदारी) के साथ भारती एयरटेल देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 
  • • विलय की इस डील का ऐलान इस साल मार्च में हुआ था। इस पर शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी ने वोडाफोन इंडिया और वोडाफोन मोबाइल सर्विसेस को सलाह दी थी। वहीं, एक अन्य लॉ फर्म ट्राईलीगल प्रतिस्पर्धा कानून से जुड़े पहलुओं पर आइडिया को सलाह दी थी।


7. सऊदी अरब में मुहम्मद बिन सलमान बने शाह


  • • युवराज मुहम्मद बिन सलमान (31) ने सोमवार को सऊदी अरब के राजा (शाह) की गद्दी संभाल ली। फिलहाल उन्हें यह मौका अस्थायी तौर पर दिया गया है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कब तक वह इस पद पर रहेंगे। 
  • • अवकाश पर गए शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज (81) ने जारी शासनादेश में लिखा है- वह व्यक्तिगत अवकाश पर जा रहे हैं। राजसत्ता से जुड़े मामलों और लोगों के हितों की रक्षा की जिम्मेदारी युवराज मुहम्मद को सौंपी जा रही है। 
  • • शाह सलमान ने 21 जून को बेटे मुहम्मद को सऊदी अरब के युवराज का ओहदा सौंपा था। उन्होंने भतीजे मुहम्मद बिन नायेफ को युवराज पद से हटाया था। 
  • • मुहम्मद ने रक्षा मंत्री के तौर पर स

  • ऊदी अरब को ताकतवर राष्ट्र बनाने का प्रयास किया है। पेट्रोलियम उत्पादों के सबसे बड़े निर्यातक देश सऊदी अरब के राजा को मुस्लिम जगत में सबसे ताकतवर और प्रभावशाली शख्स माना जाता है। राजशाही के चलते सऊदी अरब में शाह सत्ता प्रमुख भी होता है।


8. इस साल 7.2%, अगले साल 7.7% रहेगी विकास दर: आईएमएफ


  • • एक रिपोर्ट के अनुसार मजबूत होते आर्थिक संबंधों व्यापार अवसरों के चलते भारत का अफ्रीकी देशों के साथ कारोबार 2020-21 तक बढ़कर 117 अरब डालर हो सकता है। उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है। 
  • • इसके अनुसार अफ्रीकी महाद्वीप को भारतीय निर्यात 2020-21 में बढ़कर 70 अरब डालर हो सकता है, जो कि 2015 में 24 अरब डालर था. इसी तरह अफ्रीका से आयात भी 2021-22 तक बढ़कर 47 अरब डालर होने की उम्मीद है जो कि 2015-16 में 27 अरब डालर था। पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष गोपाल जीवराजका ने कहा, भारत ने पांच साल की अवधि में अफ्रीका में विकास परियोजनाओं के लिए 10 अरब डालर की ऋण सुविधा के जरिए अफ्रीकी देशों में अपनी उपस्थिति मजबूत की है। 
  • • उन्होंने कहा आने वाले वर्षों में अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार में व्यापार बढ़ाने के साथ साथ उत्पादों के विविधिकरण तथा विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
  • • आर्थिक विकास की दौर  में भारत 2017 के साथ-साथ 2018 में भी चीन से आगे बना रहेगा। यह कहना है अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का। उसने चालू वित्त वर्ष में भारत के विकास दर के अनुमान को 7.2 फीसदी पर कायम रखा है। वहीं, अगले वित्त वर्ष 2018-19 में इसके 7.7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने की संभावना व्यक्त की है। 
  • • यह इसके अप्रैल के अनुमान के अनुरूप है। इसने चीन की विकास दर के अनुमान में मामूली सुधार किया है। इस साल और अगले साल दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था क्रमश: 6.7% और 6.4% की रफ्तार से बढ़ेगी। यह अप्रैल के अनुमान से क्रमश: 0.1 फीसदी और 0.2 फीसदी अधिक है। आईएमएफ ने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के अपडेट में यह जानकारी दी है। 
  • • इसमें भारत के बारे में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार सुस्त पड़ी और 2016-17 में विकास दर 7.1 फीसदी दर्ज हुई। लेकिन यह उम्मीद से बेहतर है। इसमें सरकार की ओर से अच्छा पैसा खर्च करने और डाटा रिवीजन का मुख्य योगदान है। 
  • • इनसे साल की पहली छमाही में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली। रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों में महंगाई कम स्तर पर बनी हुई है और यह आमतौर पर लक्ष्य से कम है। ब्राजील, भारत और रूस जैसी कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भी यह घट रही है। 
  • • आईएमएफ ने इस साल और अगले साल के लिए अमेरिका की विकास दर के अनुमान को घटाकर 2.1 फीसदी कर दिया है। यह अप्रैल के अनुमान से 0.2% और 0.4% कम है। आईएमएफ ने अप्रैल में इसके 2017 के दौरान 2.3 फीसदी और 2018 में 2.5 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया था।
  • • आईएमएफ ने विश्व अर्थव्यवस्था के इस साल और अगले साल के ग्रोथ के अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है। 2017 में इसके 3.5 फीसदी और 2018 में 3.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने के अप्रैल के अनुमान को कायम रखा है। संस्था का मानना है कि विकसित और उभरते-विकासशील देशों के विकास की रफ्तार इस साल क्रमश : 2 फीसदी और 4.6 फीसदी रहेगी।


9. यूआर राव


  • • जाने-माने अंतरिक्ष वैज्ञानिक एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष यूआर राव (उडुपी रामचंद्र राव) का उम्र संबंधी बीमारियों के चलते सोमवार को यहां निधन हो गया। 
  • • वह 85 वर्ष के थे। भारत के पहले सेटेलाइट आर्यभट्ट के पीछे राव का ही दिमाग था और उन्होंने देश के प्रमुख अंतरिक्ष कार्यक्रमों को निर्देशित किया था।
  • • ’भारत के 1975 में पहले अंतरिक्ष कार्यक्रम आर्यभट्ट से लेकर इसके चंद्रमा मिशन (चन्द्रयान-1) और मंगल (मंगलयान) और प्रस्तावित आदित्य सौर मिशन तक इसरो के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में किसी ना किसी रूप में राव शामिल रहे। सेटेलाइट तकनीक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का भी उन्हें श्रेय दिया जाता है। 
  • • इस सेटेलाइट से भास्कर, एप्पल, रोहिणी, इनसैट-1 और इनसैट-2 श्रृंखलाओं की बहुउद्देशीय संचार और मौसम सेटेलाइट, आईआरएस-1ए, आईआरएस-1बी, आईआरएस-1सी और दूर संवेदी उपग्रह 1 डी सहित उपग्रहों के एक विस्तृत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।


10. एचएस प्रणय 


  • • एचएस प्रणय ने यूएस ओपन ग्रां प्रि बैडमिंटन का खिताब जीत लिया है. तीन गेम के इस मैच में 25 वर्षीय प्रणय ने कश्यप को एक घंटे, पांच मिनट तक चले संघर्ष में 21-15, 20-22, 21-12 से शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा किया। 
  • • प्रणय यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी है।



                                                              

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